हम ‘नमो क्रांति’ के सहायक बनें निर्माता निर्देशक व् लेखक डॉ बी बी राज

'नमो क्रांति'

प्रस्तुति: काली दास पाण्डेय – विश्व सेवा फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली फिल्म-‘नमो क्रांति’ की घोषणा के साथ ही राँची( झारखण्ड) की धरती पर क्रियाशील निर्माता,निर्देशक व् लेखक डॉ बी बी राज की चर्चा इन दिनों काफी हो रही है।मूल रूप से चिकित्सा व्यवसाय एवं सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े डॉ बी बी राज इन दिनों अपनी फिल्म-‘नमो क्रांति’ को लेकर काफी उत्साहित नज़र आते हैं।पिछले दिनों कामड़े(रांची) स्थित उनके कार्यालय में मुझे उनसे बात चीत करने का मौका मिला।प्रस्तुत है बात चीत के प्रमुख अंश:
* ‘नमो क्रांति’ के बारे में कुछ बताना चाहेंगे?
——-मूल रूप से ये एक संदेशपरक फिल्म होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जनहित में उठाये गए कदमों…उनके द्वारा एका एक लिए गए रचनात्मक निर्णयों  को मैंने इस फिल्म की कथावस्तु का आधार बनाया है।

*फिल्म की प्रगति के बारे में कुछ बताएं….?
——-इस फिल्म का पेपर वर्क लगभग कम्प्लीट है।फिल्म की पठकथा प्रशांत गैलवर मुझे सौंप चुके हैं।रांची के अभिनेता रूपेश चन्द्रा इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।फ़िलवक्त फिल्म के लिए अन्य कास्ट,क्रेडिट व् लोकेशन का चयन जारी है।बहुत जल्द ही स्टार्ट टू फ़िनिश शूटिंग शेडयूल के साथ ये फिल्म फ्लोर पे चली जायेगी।इस फिल्म में झारखण्ड के नवोदत कलाकारों के अलावा बॉलीवुड के नामचीन कलाकार भी नज़र आयेंगे।
*फिल्म का टाईटल ‘नमो क्रांति’ रखने की वज़ह…?
——-‘क्रांति’ से सामान्यतः अर्थ कुछ और लगाया जाता है।वस्तुतः क्रांति को छोटे शब्दों में कह सकते हैं–‘उपयोगी परिवर्तन’…अनुपयुक्त को उपयुक्त में बदलने की प्रक्रिया।’क्रांति’ सामान्य लोगों की दृष्टि में चाहे शक्ति से सफल हुई हो अथवा छल कपट से,वह तात्कालिक राजनीतिक संकट को सुलझाने का माध्यम होती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सत्तासीन होना ‘नमो क्रांति’ का ही प्रतिफल है ऐसा मैं मानता हूँ मोदी जी के सत्ता में आने के बाद देश में जो  उपयोगी परिवर्तन लोक हित में हुए हैं,उससे ही प्रभावित हो कर  मैंने अपनी फिल्म का टाईटल ‘नमो क्रान्ति’ रखा है।देश की तमाम जनता से मैं अपील करना चाहूँगा कि आइये हम सब मिलकर ‘नमो क्रांति’ के सहायक बने ताकि देश तरक्की की दिशा में सदैव गतिशील रहे।

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