साल की पहली एक्शन फिल्म “बागी 2” |

फिल्म "बागी 2"
बागी 2
साल की पहली एक्शन फिल्म
समीक्षक/इदरीस खत्री
निर्देशक :- एहमद खान
निर्माता :- साजिद नाडियाडवाला 5 अन्य
समय अविधि :- 144.46 मिनट
कलाकार :- टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी, मनोज वाजपेयी, रणदीप हुड्डा, प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल, लक्ष्मी माचू,
दोस्तो फ़िल्म पर चर्चा शुरू करने से पहले बागी 2 के बारे कुछ बता दूं कि फ़िल्म बागी 2016 का दूसरा भाग नही है फ़िल्म साउथ की फ़िल्म क्षनम 2016 की हिंदी रीमेक है अब जब कि कलाकार उस फिल्म से ज्यादा जवान है तो थोड़े बहुत बदलाव तो जायज भी होते है बागी 2 की रिलीज के पहले बागी 3 की घोषणा हो गई और फ़िल्म का शूट इसी साल दिसंबर में शुरू हो जाएगा
एहमद ने जब फ़िल्म शुरू की थी तब मैं भी वही था
पर मेरी व्यस्ताओं के चलते शूट पर नही पहुच पाया था, खैर
साल की पहली एक्शन फिल्म कहे तो गलत नही होगा
हॉल हाउस पैक देखा और युवाओं में खासा उत्साह दिखा ,
फ़िल्म का शूट मुम्बई, गोआ, मनाली, लद्दाख, थाई लेंड, हांगकांग में हुवा है|
कहानी :-  नेहा(दिशा पटानी) अपने पुराने प्रेमी रॉनी(टाइगर)को संदेश आता है कि उसे उसकी सख्त जरूरत हैं वह बहुत बड़ी मुसीबत में है| रॉनी जो कि एक सैनिक है गोआ पहुचता है तो पता चलता है कि नेहा जो कि 4 साल पहले उसे छोड़ के किसी ओर से शादी कर चुकी है और उसकी एक 3 साल की बेटी रिया है। और रिया किडनेप हो चुकी है। रॉनी पोलिस से मदद मांगता है। लेकिन नाकाम होता है फिर रॉनी को कुछ अनजान साथी मिलते है जिसमे उस्मान लँगड़ा( दीपक डोबरियाल) भी एक है रिया को खोजने में ही मुलाकात डी आई जी शेरगिल (मनोज वाजपेयी) से होती है, मनोज रॉनी को मदद का वादा देता है फिर इसी खोजबीन में पड़ते खुलना शुरू होती है तो पता लगता है कि नेहा की तो बेटी है ही नही एक वारदात में वह अपना दिमागी सन्तुलन खो चुकी है और उसे हर जगह अपनी बेटी नज़र आती है, जो कि है ही नही लेकिन फ़िल्म में परत दर परत सस्पेंस हटते जाता हैं और फ़िल्म की पक्ष गहरी होती जाती है इसी तारतम्य में नेहा के देवर सनी (प्रतीक बब्बर)की एंट्री होती है जो कि एक ड्रग डीलर भी है और ड्रग एडिक्ट भी हैओर फ़िल्म में एक अनोखे पोलिस एसीपी की lSD(रणदीप हुड्डा) की अजीबो गरीब लेकिन शानदार एंट्री होती है और रिया को खोजते खोजते तार ड्रग माफियाओ तक पहुच जाते है इसी बीच रॉनी कुछ सर्च कर पाए और सुराख निकाल पाता हैं, नेहा आत्महत्या कर लेती है
क्या रोनी रिया को बचा पाता है
ओर नेहा के कातिलों तक पहुच पाता है
इन सब जवाबो के लिए फ़िल्म देखी जा  सकती
कलाकारों में बात करे तो मनोज, रणदीप है दोनो मजे हुवे अदाकार है, प्रतीक भी छोटे किरदार में अच्छा कर गए है, दिशा पटानी के लिए बॉलीवुड में  बहूत सम्भावनाए है और अच्छा अभिनय भी करती है, टाइगर भी अपनी जगह माकूल लगे है
फ़िल्म की कास्टिंग मुकेश छाबड़ा ने की है जो कि सटीक और बेहतरीन हैं
संगीत की बात करे तो पार्श्व ध्वनि यानी बेक ग्राउंड दिया है जूलियस पैकीयम ने ओर गांनो में मिथुन, संदीप शिरोड़कर, अर्को पूर्वा मुखर्जी ने दिए है
एक दो तीन चार,, चाहे जब सुने अच्छा लगता है क्योंकि मूल रचना ही सुंदर बनी थी लेकिन इस बार गाने में भद्दा पन डाल दिया है जिससे गाने की सुंदरता चली गई और गाना वल्गर बन गया है
एक्शन पर बात भी ज़रूरी है
क्योकि सारे एक्शन सीन टाइगर ने खुद किये है तो देश को अक्षय के बाद नया एक्शन स्टार मिल गया है साथ ही सिक्स पैक बॉडी का समय खत्म हुवा समझे क्योकि अब एट पैक बॉडी पर्दे पर तैयार है एक्शन निर्देशन में एहमद खान खुद के अलावा लक्ष्मण- राम छैला ओर शमशीर खान ने उम्दा काम किया है
फ़िल्म भारत मे 3500 स्क्रीन्स पर ओर 625 विदेशी स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है
परीक्षाओ का बुखार भी उतर गया है देश मे, अकेली रिलीज और आगे पीछे कोई बड़ी फिल्म नही तो ओपनिंग बड़ी के साथ पहले हफ्ते में 100 करोड़ तक पहुचने की उम्मीद है साथ ही पहले दिन ओपनिंग 10 करोड़ से 14 करोड़ भी होने की उम्मीद है|
कूल मिलाकर फ़िल्म इस साल की पहली एक्शन फिल्म बोले तो गलत न होगा
हमारी रेटिंग 3 स्टार रहेगी फ़िल्म को
फ़िल्म समीक्षक
इसरीस खत्री

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