श्रममंत्री के आश्वाशन के बाद फ़िल्म और टीवी कामगारों की हड़ताल समाप्त

हड़ताल समाप्त

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज की ओर से आयोजित फ़िल्म और टीवी कामगारों की  22 युनियनों की हड़ताल महाराष्ट्र के श्रममंत्री संभाजी निलंगेकर पाटिल के आश्वाशन के बाद आज बुधवार को समाप्त कर दी गयी।ये यूनियन पिछले 14 अगस्त की रात 12 बजे से हड़ताल पर थी।इस हड़ताल में शामिल कामगारों को श्रममंत्री संभाजी निलंगेकर पाटिल तथा भाजपा के  मुम्बई अध्यक्ष और विधायक आशीष शेलार और पूर्व विधायक तथा नगर सेवक अतुल शहा ने भरोसा दिया कि हड़ताली कामगारों की मांग को लेकर सरकार गंभीर है और कामगारों के पक्ष में सरकार ठोस कदम उठाने जारही है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी और जनरल सेक्रेटरी दिलीप पिठवा के मुताबिक  श्रममंत्री के साथ बुधवार को फेडरेशन के पदाधिकारियों और फ़िल्म तथा टीवी शो निर्माताओं की एक बैठक भी   रखी जानी थी।यह बैठक महाराष्ट सरकार के श्रममंत्री संभाजी पाटिल निलंगेकर ने मंत्रालय की सातंवी मंजिल पर स्थित परिषद सभागृह क्रमांक पांच में  बुलायी थी जिसमें भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक आशीष शेलार,  पूर्व विधायक तथा नगरसेवक  अतुल शहा, प्रधान सचिव (कामगार), कामगार आयुक्त,  फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने इंप्लाईज के पदाधिकारी और प्रतिनिधि तथा प्रोड्युसर अशोसिएशन के प्रतिनिधि  और अन्य संबंधित लोगों को भी मौजूद रहना था लेकिन मुम्बई में भारी बारिश के कारण और सरकार द्वारा अवकाश घोषित होने के बाद यह बैठक स्थगित कर दी गयी लेकिन श्रम मंत्री ने फेडरेशन को आश्वस्त किया है कि फ़िल्म और टीवी कामगारों के पक्ष में सरकार एक ठोस कदम उठाएगी जो एक नजीर बनेगी।साथ ही राज्य के श्रम मंत्रालय ने फेडरेशन से निवेदन किया कि तब तक आप अपनी हड़ताल वापस ले लें।जिसके बाद फेडरेशन ने हड़ताली कामगार युनियनों के साथ एक बैठक किया और सबकी सहमति से सरकार पर भरोसा जताते हुए हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई। फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने इंप्लाईज के प्रेसिडेंट श्री बीएन तिवारी  और जनरल सेक्रेटरी दिलीप पिठवा के मुताबिक फेडरेशन लंबे समय से मांग करता रहा है कि आठ घंटे की शिफ्ट होे और हर अतिरिक्त घंटे के लिये डबल पेमेंट हो। हर क्राफ्ट के सभी कामगारों , टैक्निशियनों और कलाकारों आदि की चाहे वह मंथली हो या डेलीपैड, पारिश्रमिक में तत्काल वाजिब बढ़ेत्तरी, बिना एग्रीमेंट के काम पर रोक, मिनीमम रेट से कम पर एग्रीमेंट नहीं माना जायेगा। साथ ही जॉब सुरक्षा , उत्तम खानपान और सरकार द्वारा अनुमोदित सारी सुविधायें और ट्रेड यूनियन के प्रावधान हमारी प्रमुख मांग है। मगर निर्माता हमारी मांग को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। बॉलीवुड में काम कर रहे ये कामगार अपना नया एमओयू साइन करवाना चाहते हैं, जिसकी मियाद पिछली फरवरी में खत्म हो चुकी है। ये एमओयू  हर ५ साल में साइन होता है। इस बार नए एग्रीमेंट में कामगारों की मांगों में उनका मेहनताना, सुरक्षा, समय पर भुगतान, काम करने की समय सीमा और बीमा शामिल हैं। इनके मुताबिक, इनका मेहनताना ३ से ६ महीने बाद मिलता है। १८-१८ घंटे काम करवाया जाता है।  अपनी विभिन्न मांगों को लेकर फ़िल्म और टीवी कामगार तथा महिला कलाकार और टेक्नीशियन पिछले 16 दिन से हड़ताल पर थे।

हड़ताल समाप्त
हड़ताल समाप्त

फिल्म  और टीवी  इंडस्ट्रीज में काम करने वाले 2.50 लाख कर्मचारी हड़ताल पर थे।फेडरेशन का साफ कहना है कि जब तक मांग नही मानी जाती हड़ताल समाप्ति के बाद भी हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इस हड़ताल से कई फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग पर भी असर पड़ा।

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