जैसे टीवी निगल गया रेडियो को वेसे ही नेटफ्लिक्स निगल जाएगा टीवी को…

फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा एक आकलन दोस्तो बात 80 के दौर से शुरू करते जब खबरे पहुचने सबसे आसान और सुलभ साधन होता था रेडियो, जिस पर लोगो को हमने कान गड़ाए कंधो पर उठाए गाने, कॉमेंट्री, समाचार सुनते देखा था,, फिर आया देश मे 80 का दशक जिसमें टीवी आया,जिस पर मात्र एक चैनल दूरदर्शन चलता था वह भी 9 नम्बर चेनल पर, फिर वक्त आया केबल नेटवर्क का जिसने टीवी यानी बुद्धू बक्सा कहा जाने लगा, लेकिन टीवी ने ऐसे पंख पसारे के घरों के ड्राइंग रूम…

पूरा पढ़िए...

अब काश्मीर मुद्दे पर बन रही फिल्म को निर्देशन करने जा रहे है अरविंद चौबे

अरविंद चौबे

भोजपुरी फिल्मों के डायनेमिक निर्देशक के नाम से मशहूर निर्देशक अरविंद चौबे एक बार फिर से नये व आधुनिक स्टोरी पर बन रही फिल्म”काश्मीर हमारा है”को निर्देशन करने जा रहे हैं।इस फ़िल्म के निर्माता राज जयसवाल हैं जबकि लेखक वीरू ठाकुर हैं।डी आर जे फिल्म्स प्रा.लिमिटेड के बैनर तले बनने जा रही फिल्म के मुख्य भूमिका में होंगे अभिनेता पवन सिंह हैं, हाल में इस फ़िल्म का मुहूर्त सम्पन किया गया है।बाते चले कि अरविंद चौबे और पवन सिंह की हिट कैमेस्ट्री नौ हिट फिल्म दे चुके है,यह उनकी दसवीं…

पूरा पढ़िए...

चर्चाओं के बीच नवोदित अभिनेत्री : अनन्या सेन गुप्ता

अनन्या सेन गुप्ता

बॉलीवुड में चर्चित मॉडल  बंगाल ब्यूटी अनन्या सेन गुप्ता फिल्म ‘द फाइनल एग्जिट’ के माध्यम से दस्तक दे चुकी है। धवनिल मेहता द्वारा निर्देशित इस हिंदी अलौकिक हॉरर फिल्म में अभिनेता कुणाल रॉय कपूर के अपोज़िट में काफी दमदार भूमिका निभाने का मौका अनन्या सेन गुप्ता को मौका मिला इसके बाद ही वो चर्चित हुई। बंगाल सुंदरी अनन्या सेन गुप्ता का जन्म एवं पालन पोषण मुंबई में हुआ है। वह बॉलीवुड में बतौर अभिनेत्री अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत कर चुकी हैं और जल्द ही दर्शक इन्हें रुपहले पर्दे पर…

पूरा पढ़िए...

सिने फ़लक पे चमकता सितारा: पंकज त्रिपाठी

पंकज त्रिपाठी

पिछले कई सालों से बॉलीवुड में अपने परफॉर्मेंस को लेकर चर्चित रहे अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने नए साल की शुरुआत पुरुषों की अग्रणी पत्रिका – ‘द मैन’ के कवर पृष्ठ पर अपनी उपस्थिति बनाकर की है। प्रभात शेट्टी द्वारा शूट किए गए इस कवर में पंकज ऐसे पोज में हैं जो उन्होंने इससे पहले कभी नहीं दिया। वैसे हाल ही में फिल्म-‘स्त्री’ के लिए इन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के रूप में ‘स्क्रीन अवार्ड’ से भी नवाज़ा जा चुका है। अभिनेता पंकज त्रिपाठी के लिए 2018 का साल अब तक का बेस्ट रहा है, उन्होंने…

पूरा पढ़िए...

शिमला की निकिता भिकटा की बॉलीवुड में एंट्री

पहाड़ो की सुन्दर और हसीन वादियों की रहने वाली निकिता भिकटा अपना कदम बॉलीवुड में रख चुकी है जल्द ही बॉलीवुड की फिल्म में नजर आएँगी, निकिता के पिता का शिमला में एप्पल का बिजनेस है निकिता का बचपन से ही फिल्मो का शौक आख़िरकार उसे मुंबई मायानगरी में खीच लायी और आज कई महीनो के स्ट्रगल के बाद बॉलीवुड में एंट्री मिल गयी इस बिच निकिता ने कई एड फिल्म कर चुकी है हाल में रिलीज हुयी one Plus 6T का विज्ञापन काफी में मसहुर हुयी साथ ही कई…

पूरा पढ़िए...

19 साल के उम्र से ही किया था फिल्मी सफर का शुरुवात आज 25 से ज्यादा हिट फिल्मों के स्क्रिप्ट लिख चुके है वीरू ठाकुर 

वीरू ठाकुर 

“फ़िल्म हिट तो सब फिट “यह शब्द किसी को  विशेष को परिभाषित करती रहती है पर भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में आये दिन फिल्मे बनती रहती है और हिट भी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं? की  फिल्म के हिट होने में उस फिल्म में  कहानी का कितना अहम योगदान होता है, मेरे हिसाब से फिल्म का असली हीरो फिल्म  कहानी ही होती है। अगर कहानी अच्छी न हो तो   सुपरस्टारकी फिल्म भी औंधे मुंह गिर जाती हैभोजपुरी इंडस्ट्री में वीरू ठाकुर एक ऐसा नाम है जो लगातार हिट…

पूरा पढ़िए...

रिव्यू – ठग्स ऑफ बॉलीवुड है यह

(दीपक दुआ – फिल्म समीक्षक) आखिर एक लंबे इंतज़ार और काफी सारे शोर-शराबे के बाद ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ की बंद मुट्ठी खुल ही गई। और अब आप यह जानना चाहेंगे कि यह फिल्म कैसी है? क्या इस फिल्म पर अपनी मेहनत और ईमानदारी (या बेईमानी) से कमाए गए पैसे खर्च किए जाएं या फिर इसे छोड़ दिया जाए? चलिए, शुरू करते हैं। साल 1795 के हिन्दोस्तान की रौनक पुर (चंपक, नंदन, पराग की कहानियों से निकले) नाम वाली कोई रियासत। ऊंचा, भव्य किला जो किसी पहाड़ी पर है लेकिन समुंदर…

पूरा पढ़िए...

संघर्ष की आँच में तपता गीतकार : विश्वनाथ राजपुरी

विश्वनाथ राजपुरी

भोजपुरी  की  ‘सैंया  विदेसिया’,  ‘कालीचरण’,  ‘घातक’,  ‘गांव  के  लाल’,  ‘शहंशाह’, ‘आक्रोश’, ‘जीरो बनल हीरो’ आदि प्रदर्शित हिट फिल्मों के लिए गीत लेखन कर चुके गीतकार बिश्वनाथ राजपुरी अब बाॅलीवुड की बड़ी स्टार कास्ट वाली फिल्मों के लिए गीत लिखना चाहते हैं इसके लिए फिलहाल उनका अनवरत संघर्ष जारी है। जिला बक्सर (बिहार) निवासी विश्वनाथ राजपुरी ने मगध के महाराजा काॅलेज से बी.एसी.सी. किया। एक किसान परिवार में जन्मे विश्वनाथ कोई फिल्मी बैकग्राउण्ड से नहीं है, बावजूद इसके  उन्हें बचपन से ही गीत लिखने और फिल्मी  गीतकार बनने की धुन सवार…

पूरा पढ़िए...

फ़िल्म “सिटी जॉब” छोटे शहरोँ से बड़े शहरों में आकर नौकरी करने वालों का संघर्ष बयान करती है

विक्रम भट के सहायक निर्देशक के रूप में अपना कैरियर शुरू करने वाले ज़ाकिर सिसोदिया का मानना है कि आज के दौर में फिल्म बनाना कोई आसान काम नहीं है। मार्बल के बिज़नस से जुड़े ज़ाकिर यह भी कहते है कि एक निर्देशक को फिल्म के हर डिपार्टमेंट की उचित जानकारी होनी चाहिए क्योंकि एक डायरेक्टर ही जहाज का कप्तान होता है। उसे फिल्म मेकिंग के हर क्षेत्र की इंफॉर्मेशन होना ज़रूरी है। इसी पॉइंट को ध्यान में रखते हुए ज़ाकिर ने फिल्म निर्माण की तमाम बारीकियों और गहराइयों को…

पूरा पढ़िए...

बड़े पर्दे पर मिथिला की बेटी निशा झा का शानदार आगाज

निशा झा

फिल्‍मी पर्दे पर बिहार की बेटियों की उपस्थिती लगातार बढ़ती ही जा रही है। इसी क्रम में एक और नाम जुड़ गया है निशा झा का, जिन्‍होंने अभी हाल ही में रिलीज भोजपुरी की सबसे चर्चित फिल्‍म ‘संघर्ष’ में खेसारीलाल यादव की बेटी का किरदार निभाया है। निशा मूलत: दरभंगा जिले के लक्ष्‍मीसागर से आती हैं, मगर अभी दिल्‍ली में रहती हैं और 12th क्‍लास की स्‍टूडेंट हैं। अभिनय का कहकहरा उन्‍होंने अपनी मां सुधा झा से सीखा है, जो खुद भी एक थियेटर आर्टिस्‍ट हैं। इससे पहले निशा स्‍वरा भास्‍कर के साथ हिंदी फिल्‍म ‘अनारकली ऑफ आरा’ में…

पूरा पढ़िए...